यह संस्कृति विभाग के अधीनस्थ कार्यालय के रूप में काम करता था लेकिन मार्च 1985 में इसे स्वायत्तशासी संस्थान(ऑटोनॉमस संस्था) बना दिया गया।
Jagdeesh Kumar
2025-02-24 04:49:22
कहा जाता है कि जब भोपाल में नवाबों का शासन था तब इस सदर मंजिल को सपनों का महल कहते थे। यह होटल 126 साल पुरानी है, जिसे नवाबों ने बनवाया था।
2025-02-16 05:56:22